सीसीटीवी की निगरानी में नजूल शाखा…चैम्बर से एक एक गतिविधियों पर रहेगी कलेक्टर की नजर….गड़बड़ी मिलने पर होगी कठोर कार्रवाई
विभाग प्रमुख.संयुक्त कलेक्टर और कलेक्टर की तिरछी नजर

Join WhatsApp Group यहाँ क्लिक करे
बिलासपुर—कलेक्टर आदेश पर नजूल शाखा का एक एक कोना अब अब सीसीटीवी के नजर में आ गया है। इसी के साथ जमीन दलालों की परेशानी भी बढ़ गयी है। अब नकल के नाम पर ग्रामीणों और किसानों को प्रेशान करने वालों की खैर नहीं है। कलेक्टर आदेश पर जिला कार्यालय रिकार्ड रूम और नजूल शाखा में पांच सीसीटीवी लगाया गया है। कलेक्टर अवनीश शरण स्वयं अपने कक्ष से तमाम गतिविधियों की मानीटरिंग करेंगे।
जमीन मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने एक बार फिर प्रभावी कदम उठाया है। पिछले दिनों बैठक के दौरान कलेक्टर आदेश पर प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए दोनो ही जगह आधा दर्जन से अधिक सीसीटीवी लगा दिया है। आम जनता के लिए बेहद महत्वपूर्ण दोनों शाखाओं के भीतर और बाहर के दृष्य पर अब कलेक्टर की सीधी लेकिन तिरछी नजर रहेगी। कलेक्टर अब अपने चैम्बर से लोगों के एक एक हरकतों को देख सकेंगे। कदाचार की शिकायत और गड़बड़ी पाए जाने पर आरोपियों पर तत्काल कार्रवाई होगी। गड़बड़ी करने वालों पर वीडियो क्लिप को साक्ष्य मानकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी देते चलें कि कलेक्टर ने पिछले दिनों जिला कार्यालय निरीक्षण के दौरान नजूल शाखा और रिकार्ड रूम का भी मुआयना किया था। वस्तुस्थिति को देखते हुए अवनीश शरण ने दोनों शाखाओं में सीसीटीवी कैमरा लगाने का आदेश दिया। साथ ही दोनों शाखाओं की पल पल की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा। इसके अलावा संबंधित शाखा प्रभारी के कक्ष में भी नज़र रखने के लिए एक अलग मॉनीटर लगाने का आदेश दिया था। उन्होने कहा कि मामले में शाखा प्रभारी संयुक्त कलेक्टर भी नियमित रूप से चौकसी करेंगे।
बताते चलें कि कलेक्टर जनदर्शन में बड़ी संख्या में लोग राजस्व संबंधी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं। शिकायतों और फील्ड अनुभव के आधार पर खामियों को दूर करने कलेक्टर ने अब तक कई उपाय किए। बावजूद इसके जमीन चोर अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे थे। शिकायत में अब तक सबसे बड़ी समस्या नक्शा बटांकन को लेकर सामने आया है।
मालूम हो कि जमीन संबधित शिकायतों को कलेक्टर के मार्गदर्शन में प्रति सप्ताह टीएल बैठक के पहले प्रगति की समीक्षा होती है। खासकर मुख्यमंत्री जनदर्शन की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने का आदेश दिया जाता है। जिले की जमीन संबधित समस्याओं को दूर करने कलेक्टर ने पिछले ही दिनों नोडल शाखा का गठन किया है। शासकीय जमीन पर कब्जा करने वालों की जांच के लिए टीम का भी गठन किया। शासकीय जमीन निजी हाथों में कैसे गयी, रिपोर्ट पेश करने को कहा। जिला स्तरीय जांच दल को टीम की रिपोर्ट पर कलेक्टर ने कार्रवाई का निर्देश दिया है। साथ ही कलेक्टर ने आदेश जारी कर आवासीय कॉलोनियों में गरीबों के लिए आरक्षित भूमि का सत्यापन करने को भी कहा है। ताकि गरीबों को आवास दिलाया जा सके।









